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उष्मा गतिकी क्या है?

 उष्मागतिकी की परिभाषा-

ऊष्मागतिकी विज्ञान की वह शाखा है जो विभिन्न प्रक्रम में ऊर्जा परिवर्तन, ऊर्जा स्थानांतरण तथा इससे संबंधित गुणों एवं नियम का अध्ययन करती है

ऊष्मागतिकी प्रक्रम में में परिवर्तन के समय सीधे-सीधे प्रेक्षण से प्राप्त द्रव्य गुणों का अध्ययन किया जाता है। उष्मा गतिकी के नियमों प्रक्रम में ऊर्जा परिवर्तन से संबंधित मानव अनुभव का वैज्ञानिक संकलन ऊष्मागतिकी उष्मा इंजनो का अध्ययन करती है ऊष्मा इंजन उष्मा को कार्य में परिवर्तन करने की युक्तियां है।

ऊष्मागतिकी के सीमा बंधन( limitation of thermodynamics)

1. ऊष्मागतिकी के नियम केवल स्थूल तंत्रों( माइक्रोस्कॉपी सिस्टम )पर ही लागू होते हैं इसके द्वारा एकाकी परमाणु  एकल या आयन के व्यवहार को स्पष्ट नहीं किया जा सकता है

2.उष्मागतिकी नियम से यह नहीं बताया जा सकता है कि अभिक्रिया पूर्ण होने में कितना समय लगेगा और अभिक्रिया किस गति से चलेगी।

3.उष्मा गतिकी विधि से किसी प्रक्रम मैं परिवर्तन केवल प्रारंभिक एवं अंतिम अवस्था पर ही निर्भर करता है ऊष्मागतिकी परिवर्तन का कोई भी संबंध परिवर्तन के समय परिवर्तन की गति ,द्रव्य की संहति से नहीं होता है उस्मा गतिकी परिवर्तन का कोई भी संबंध द्रव्य की परमाण्विक  या आण्विक संरचना से नहीं होती है और नहीं इसका संबंध रासायनिक अभिक्रिया की क्रिया विधि से है।

4.किसी भी रसायनिक परिवर्तन के संबंध में उस्मा गतिकी यह स्पष्ट इंगित कर सकती है की किन-किन दशाओं में (अर्थात ताप दाब सांद्रण) अभिक्रिया संभव है किंतु अभिक्रिया का वेग नहीं बता सकती है वास्तव में उस्मा गतिकी परिणात्मक  दृष्टि परिवर्तन की साम्यावस्था से संबंधित है। जो समय के साथ परिवर्तित नहीं होती है।

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