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योग के कितने लाभ ? how many benefits of yogas.

 हम भारतीय योग के लाभों से परिचित हैं हम जानते हैं कि योग शरीर की ही नहीं, मन की मजबूती मैं भी मदद करता है लेकिन आधुनिक दुनिया में खासकर विदेश में योग की लोकप्रियता कमोबेश नई है। पिछले एक डेढ़ दशक से भी इस पर बकायदा शोध अध्ययन करते रहते हैं इस आधार पर एक निगाह डालते हैं योग के कुछ लाभों पर ..........


योग के कितने लाभ





योग से मिलता है लचीलापन

युग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संस्थान योग रिलायंस ने 2016 में योग की लोकप्रियता को समझते हुए इसका अभ्यास करने वालों के विच सर्वे किया। प्रतिभागियों को योग अपनाने का लक्ष्य बताना था। अधिकांश का उत्तर था लचीलापन बढ़ाने के लिए।

लचीलापन सेहत के लिए अहम है। बढ़ती उम्र में शरीर का जड़ होते जाना मुश्किल बढ़ता है और रोगों का कारण बनता है। योग करने वाले को इस मामले में बहुत राहत महसूस हुई। साबित हुआ कि योग बढ़ती उम्र में शरीर का लचीलापन दे सकता है।


योग देता है तनाव में राहत

अमेरिका के साइकोलॉजिकल एसोसिएशन ने बताया था कि 84 फ़ीसदी अमेरिकी किसी ने किसी तरह के तनाव का सामना करते ही हैं इसी के मद्देनजर, सर्वे के प्रतिभागियों ने बताया कि योग से तनाव में काफी हद तक राहत मिलती है। केवल शरीर को किसी मुद्रा में ले जाना नहीं है बल्कि इसमें स्वास विश्वास का अनुशासन भी होता है ध्वनि और ध्यान की भी यमन की सेहत के लिए मुफीद है।


योग मन को स्वस्थ रखता है

मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर या क्लिनिकल डिप्रैशन एक सामान्य मूड डिसऑर्डर है, जो किसी को भी हो सकता है 2017 में मन के रोगों की meta-analysis की गई जिसमें 23 के विचारों को रखा गया। इसमें स्वीकार किया गया कि इसके उपचार में योग दावा की तरह काम करता है। गति वाले योगासन हो या स्वास्थ संबंधी दोनों से इस डिसऑर्डर में लाभ होता देखा गया।


योग दिल की सेहत बेहतर बनाता है 

जनरल आफ आयुर्वेद एंड इंटीग्रेटिव मेडिसिन में 14 अध्ययनों को प्रकाशित किया, जिसमें प्राणायाम के फायदों का उल्लेख था। इसमें एकमात्र निष्कर्ष निकला कि प्रणब से शरीर के विभिन्न प्रणालियों पर सकारात्मक प्रभाव होता है। प्रणाम में शामिल सांस के नियंत्रण और श्वास विश्वास की बदलती गति के कारण धड़कन, धनिया के कार्य और हृदय के संग पंचम पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।


योग से पाश्चर सुधरता है


आधुनिक तकनीकी के सहारे रहने के कारण अधिकांश लोग दिनभर पीठ झुकाए काम करते हैं। हाल ही में 34 अध्ययनों के अवलोकन ने साबित किया कि योग करने वालों का बॉडी पाश्चर बहुत हद तक सुधर जाता है योगासनों में शामिल धीमी गति से शरीर को मोड़ने से मांसपेशियों में लचीलापन आता है इससे जड़ होने वाली मांसपेशियों का अच्छा समायोजन होने लगता है खास तौर पर मेरुदंड पर।


योग से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है


यह सिद्ध हो चुका है कि क्लीनिकल डिप्रेशन और एंग्जाइटी पर योग का उपचार जैसे प्रभाव होता है और तनाव अवसाद का सेहत पर बुरा असर पड़ता है जिसके चलते रोगों को आमंत्रण मिल जाता है। सिद्ध हो चुका है कि योग इन्फ्लेमेशन को दूर कर सकता है इसलिए ऐसे इन्फ्लेमेशन से जुड़े रोगों जैसे मधुमेह आदि में लाभदायक पाया गया है यह कुल मिलाकर प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।


योग संतुलन को बेहतर बनाता है


एजेंसी फॉर हेल्थ केयर एंड क्वालिटी के मुताबिक बुजुर्गों में संतुलन खोने गिरकर चोटिल होने की घटनाएं बहुत बढ़ जाती है ऐसी छोटे घातक भी हो सकती है नए शोध बताते हैं कि बढ़ती उम्र के लोगों ने योगासन के चलते , संतुलन में सुधार होता है। संतुलन सुरक्षित करने के लिए ही नहीं उठने बैठने और काम करने के लिए भी बेहद अहम है। वृक्षासन का अभ्यास करने वाले एक पैर पर संतुलन बनाते हुए योग करते हैं। ऐसे कई आसन है जो संतुलन पर जोर देते हैं तभी तो दिमागी चोट वाले मरीज के लिए भी योग का सुझाव दिया जाता है।।।


करें योग 

           रहें निरोग।।


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