राहुल गांधी ने लोकसभा की बैठक में जो कहा- उससे पूरे राजनीतिक पार्टियों में चर्चा का विषय बन गया है न केवल राजनीतिक पार्टी में बल्कि देश की जनता में भी काफी खलबली मची हुई है।
आज की इस आर्टिकल में राहुल गांधी ने ऐसा क्या कहा जो चर्चा का विषय बन गया और यह सियासी मुद्दा के रूप में डिबेट का विषय है ।उन्होंने आखिर लोकसभा की बैठक में पक्ष पार्टी को कौन सी वह मुख्य सवाल पूछ गई जो चर्चा का विषय है।
राहुल गांधी ने संसद में जो कहा उससे पूरे राजनीतिक पार्टी में चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने सांसद भवन में नेता प्रतिपक्ष के रूप में लगातार 2 घंटे तक पक्ष पार्टी से सवाल एक के बाद एक पूछते रहे। उन्होंने यहां तक की यह भी कहा कि जो हिंसा करते हैं वह हिंदू नहीं हो सकता और हिंदू कभी हिंसा नहीं कर सकता। यहां तक की लोकसभा भवन में सांसद की बैठक में उन्होंने शिवजी की तस्वीर और विभिन्न धर्मों के भगवान को उन्होंने प्रदर्शित चित्र के रूप में उदाहरण देते हुए पक्ष पार्टी को सवालों से घेरा उन्होंने शिव जी का उदाहरण देते हुए अभय मुद्रा और शिव जी के त्रिशूल और उनकी गले में जो सांप लटका हुआ है उसको परिभाषित करते हुए पक्ष पार्टी को कई सवालों से घेर लिया।जिससे आज न केवल राजनीतिक पार्टियों में बल्कि देश की जनता खासकर हिंदू समाज मुद्दे को लेकर रोड पर उतर आई है और यह चर्चा का विषय बन गया है ।सियासी मुद्दा छिड़ गई है पक्ष पार्टी का अपना तर्क है और विपक्ष अपने तौर पर आड़ी हुई है । रही धर्म को लेकर राहुल गांधी का कहना है पक्ष पार्टी से
डरो मत ,डराओ मत।।
इसका आशय यह है कि पक्ष पार्टी अन्य पार्टियों को डराकर अपनी राजनीति करती है इसीलिए उन्होंने "डरो मत डराओ मत" का उदाहरण देते हुए शिव को अच्छी तरह से परिभाषित किया लेकिन लोगों ने इसे राजनीतिक मुद्दा ना समझ कर धार्मिक मुद्दा समझ कर सियासी कर रहे हैं। उन्होंने न केवल हिंदू धर्म की बात की बल्कि उन्होंने हिंदू मुस्लिम ,सिख ,इसाई सभी के भगवानों का चित्र प्रदर्शित करते हुए उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि सभी धर्म में लिखा है
डरो मत डराओ मत।
उन्होंने अग्नि वीर जैसी योजना को लेकर भी रक्षा मंत्री माननीय राजनाथ सिंह से बड़ी सवाल की।
जैसे कि आप सभी को पता है कि सरकार ने सशस्त्र बलों में सेवा देने के लिए भारतीय युवाओं के लिए 14 जून 2022 को अग्नि वीर जैसी योजना को लेकर आयी।
जिसमें सशस्त्र बल में जो भर्ती प्रक्रिया थी उसे पुरानी भर्ती पक्रिया को समाप्त कर नई भर्ती क्रिया के रूप में इस योजना को लाया गया जिसे अग्निपथ योजना का नाम दिया गया।
आखिर अग्निपथ योजना को लेकर सियासी मुद्दा क्यों?
अग्निपथ योजना को लेकर सियासी मुद्दा इसलिए क्योंकि अभी पिछले लोकसभा सांसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी भाषण में अग्निपथ जैसी योजना को लेकर कह गए बड़े सवाल माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से । उन्होंने कहा कि लुधियाना के अजय कुमार जो सुरंग बारूद विस्फोट जम्मू कश्मीर में शहीद हुए अर्थात वीरगति को प्राप्त हुए उन्हें सहायता राशि, पेंशन तथा शहिद की दर्जा भी उन्हें नहीं दिया गया। उनकाआरोप पक्ष पार्टी पर था जिसमें माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनकी इस सवाल का जवाब देते हुए कहा - कि आप लोगों को ,झूठ सवाल पूछ कर गुमराह ना करें ।
क्योंकि मुआवजा राशि वीरगति को प्राप्त अजय कुमार को दी जा चुकी है ।हम अग्नि वीर में कार्यरत सैनिकों को यदि वे वीरगति को प्राप्त होते हैं तो सरकार द्वारा मुआवजा के रूप में एक करोड़(1000000) राशि दी जाती है और शहिद अजय सिंह को कुछ राशि प्रदान कर दी गई है और कुछ राशि देने को बाकी है लेकिन राहुल गांधी का आरोप था कि उन्हें मुआवजा की राशि अभी तक नहीं मिली है।
सरकार की सभी कर्मचारी इस आरोप को लेकर छानबीन शुरू कर दिये है।
सूचना के अनुसार पाया गया कि शहिद अजय कुमार के पिता ने बया करते हुए बताया कि उन्हें कुछ राशि प्राप्त हो चुकी है और कुछ राशि अभी बाकी है।
आखिर क्या है अग्नि वीर योजना
अग्निपथ योजना सशस्त्र बलों की तीन सेवाओं में कमीशन अधिकारियों के पद से नीचे के सैनिकों की भर्ती के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक नई योजना है। इसकी घोषणा 16 जून 2022 को की गई। इस योजना के तहत सेना में शामिल होने वाले जवानों को 'अग्निवीर' के नाम से जाना जाएगा।
उम्र सीमा क्या है
यह योजना साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को चार साल की अवधि के लिए भर्ती करने का प्रावधान करती है, जिसमें से 25 प्रतिशत को 15 वर्षों तक बनाए रखने का प्रावधान है. योजना के मुताबिक, 75 प्रतिशत अग्निवीर जो 4 साल में रिटायर होंगे हैं।
अग्नि वीर योजना में फॉर्म अप्लाई करने की योग्यता क्या है?
इस योजना में फॉर्म अप्लाई करने के लिए आपकी उम्र होनी चाहिए और अधिकतम 23 साल के लोग फॉर्म अप्लाई कर सकते हैं। अब रही बात डिग्री की तो आपके पास मिनिमम डिग्री 10वीं पास होनी चाहिए तथा आपका 45 फ़ीसदी अंक होनी चाहिए साथ ही साथ सभी सब्जेक्ट में आपका काम से कम 33 अंक होना अनिवार्य है।
इसमें कितने साल सेवा दे सकते हैं?
यदि आप इस अग्निपथ योजना के आधार पर चुने जाते हैं तो आपको सिर्फ 4 वर्ष की सेवा प्रदान की जाएगी। इसके पश्चात आपका एग्जाम लिया जाएगा और जिसमें 25% सेनाओं को फिर से 15 वर्ष तक बनाए रखने के लिए चुना जाएगा।
इस योजना के मुताबिक 75% अग्नि वीर 4 साल में रिटायर हो जाएंगे।
Official website link (अग्निपथ)
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